लकड़ी के प्रकार

सखुआ (साल की लकड़ी)

कठोर, भारी, निर्माण के लिए बनी।

सखुआ, जिसे व्यापक रूप से साल की लकड़ी कहा जाता है, पूर्वी भारत में इस्तेमाल होने वाली सबसे भारी और सबसे कठोर लकड़ियों में से एक है। जब सतह की बनावट से ज्यादा संरचनात्मक मजबूती मायने रखती है, तो बिल्डर इसी लकड़ी को चुनते हैं।

सखुआ (साल की लकड़ी)
यह क्यों चुनें

विशेषताएं

  • असाधारण संरचनात्मक मजबूती
  • प्राकृतिक रूप से दीमक और सड़न प्रतिरोधी
  • बीम, ट्रस और भारी फ्रेमिंग के लिए उपयोग
  • बिना रासायनिक उपचार के भी अच्छा प्रदर्शन

विवरण

घनत्व850–950 kg/m³
रेशा (बनावट)सीधा, खुरदरा
सर्वोत्तम उपयोगनिर्माण, बीम, दरवाजे
टिकाऊपनबहुत उच्च

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ग्राहक समीक्षाएं

सखुआ (साल की लकड़ी) के बारे में लोग क्या कहते हैं

★★★★★ 5 / 5 (3 समीक्षाएं)
रमेश कुमार ★★★★★

"तेज़ डिलीवरी और गुणवत्ता यार्ड पर दिखाए गए अनुसार ही मिली।"

28 Feb 2026
अनीता झा ★★★★★

"बिना किसी दबाव के हमारे बजट के लिए सही विकल्प चुनने में मदद की।"

18 Feb 2026
पूजा शर्मा ★★★★★

"मजबूत उत्पाद, अगले प्रोजेक्ट के लिए फिर से ऑर्डर करेंगे।"

15 Mar 2026
सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ज्यादातर संरचनात्मक कार्य — छत के बीम, दरवाजे के फ्रेम, और भार वहन करने वाले कार्य जहां मजबूती सबसे जरूरी है।

हां, हालांकि इसका वजन और खुरदरा रेशा इसे बारीक सजावटी फर्नीचर के बजाय मजबूत, कार्यात्मक टुकड़ों के लिए बेहतर बनाता है।